JNU के ऐसे छात्रों की जगह जेल है -अमित शाह

BJP नागरिकता संशोधन कानून का जागरूक अभियान चला रही है । मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर में अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जागरूक रैली की इसमें अमित शाह ने बताया कि इसमें किसी की नागरिकता नहीं जाएगी इसमें नागरिकता लेने का नहीं नागरिकता देने का प्रावधान है लेकिन इस नागरिकता संशोधन कानून में मुस्लिम धर्म बिल्कुल गायब है इस कानून में पाकिस्तान बांग्लादेश अफगानिस्तान में धर्म से प्रताड़ित हिंदू शिक्ख बौद्ध इसाई धर्म को नागरिकता देने का प्रावधान है इस नागरिकता संशोधन कानून में मुस्लिम धर्म को अलग कर दिया गया है

अमित शाह ने जेएनयू के छात्रों पर कहा कि जो भी देश विरोधी नारे लगाए गा उसे जेल जाना होगा लेकिन अमित शाह को देश विरोधी नारे ही क्यों दिखते हैं उनकी परेशानी क्यों नहीं दिखती अभी जेएनयू हमले में एक छात्रा को बुरी तरह पीटा गया को बहुत चोट आई लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है ऐसा क्यों

आप इन छात्रों की आजादी का मतलब गलत क्यों समझते हैं इनकी आजादी का मतलब यह नहीं है कि देश को बांटो उनकी आजादी का मतलब यह है कि धर्म बाद जातिवाद भ्रष्टाचार आदि मुद्दों पर आजादी का जिक्र है इन नारों को अगर गौर से सुना जाए तो यह देश को बांटने वाली आजादी नहीं है अगर आपको यकीन नहीं तो आप एक बार जरा फिर से वो आजादी वाले नारे सुनिए आपको खुद पता चल जाएगा एक कौन से आजादी के नारे हैं

कहीं ऐसा तो नहीं कि जेएनयू से बड़े-बड़े नेता निकलते हैं और वह संसद में बैठते हैं और सत्ता पर सवाल उठाते हैं ।

कन्हैया कुमार जी इसी कॉलेज में पढ़े हैं और उन्होंने आजादी के नारे को बहुत चर्चित किया है उनका यह नारा हर जगह सुनाई देता है

हम लेके रहेंगे आजादी

यह नारा हमने तब तक देखा है जब जब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं तब तक यह आजादी के नारे सुने जाते हैं

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